जंगल का राजा और भारत की शान

बचपन से ही हम सब सुनते आ रहे हैं कि शेर जंगल का राजा होता है। उसकी दहाड़ और रौबदार चाल पूरे जंगल में खौफ और सम्मान पैदा करती है। लेकिन अगर आज के दौर की बात करें, तो तस्वीरों, फिल्मों और मीडिया में सबसे ज्यादा चर्चा बाघ (Tiger) की ही देखने को मिलती है।

शेर अपनी ताकत, निडरता और सामाजिक बनावट के कारण राजा का दर्जा पाता है। शेर हमेशा झुंड में रहना पसंद करते हैं, जिसे 'प्राइड' कहा जाता है। दूसरी ओर, बाघ एक बेहद शक्तिशाली और चालाक शिकारी है जो अकेले रहना और शिकार करना पसंद करता है। भारत में बाघ को राष्ट्रीय पशु का दर्जा भी हासिल है, जिसकी वजह से इसे 'पब्लिसिटी' और संरक्षण के अभियानों में सबसे आगे रखा जाता है।

चाहे जंगल की सत्ता की बात हो या जंगलों को बचाने की मुहिम की, शेर की बादशाही और बाघ की खूबसूरती, दोनों ही कुदरत के बेहतरीन नमूने हैं। जंगल का राजा भले ही शेर कहलाए, पर जंगलों की असली पहचान और आकर्षण में बाघ का भी कोई मुकाबला नहीं है।

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