भारत में कच्चा तेल: कहाँ से आता है आपकी गाड़ी का ईंधन?
क्या आपने कभी सोचा है कि आपकी गाड़ी में भरा जाने वाला पेट्रोल और डीजल असल में कहाँ से आता है? भारत दुनिया के सबसे बड़े तेल आयातकों में से एक है। अपनी ऊर्जा ज़रूरतों को पूरा करने के लिए भारत मुख्य रूप से अन्य देशों पर निर्भर है। देश में इस्तेमाल होने वाले कुल तेल का लगभग 80 प्रतिशत हिस्सा विदेशों से आयात किया जाता है।
भारत को कच्चे तेल की आपूर्ति करने वाले प्रमुख देशों में इराक, सऊदी अरब, और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) सबसे आगे हैं। मध्य पूर्व के ये देश भारत के सबसे बड़े और पुराने ऊर्जा साझेदार रहे हैं। इसके अलावा, पश्चिमी अफ्रीका का देश नाइजीरिया और अमेरिका भी भारत को कच्चे तेल की एक बड़ी मात्रा निर्यात करते हैं।
आंकड़ों की बात करें तो, मार्च 2022 के आसपास भारत का रूस से कच्चे तेल का आयात कुल मात्रा के एक प्रतिशत से भी कम था। हालाँकि, वैश्विक राजनीतिक और आर्थिक परिस्थितियों के कारण अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में लगातार बदलाव आते रहते हैं, जिससे आयात के रुझान भी समय-समय पर बदलते रहते हैं।
भारतीय रिफाइनरियाँ इस कच्चे तेल को विदेश से मंगाकर रिफाइन करती हैं, जिसके बाद यह पेट्रोल, डीजल, और रसोई गैस (LPG) के रूप में हमारे घरों और पेट्रोल पंपों तक पहुँचता है। यही वजह है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों का सीधा असर हमारी जेब और देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है।
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