दिल्ली की राजनीति में जाति की भूमिका
दिल्ली की राजनीति पर कई जातियों का प्रभाव रहा है, लेकिन इतिहास में तीन समुदाय विशेष रूप से उभरे – जाट, पंजाबी खत्री और ब्राह्मण। ये समूह न केवल संख्या में मजबूत रहे, बल्कि राजनीतिक तौर पर भी लंबे समय तक प्रभाव बनाए रखने में कामयाब रहे।
जाट समुदाय दिल्ली के ग्रामीण और आसपास के इलाकों में मजबूत आधार रखता है। खेती और जमीन के आधार पर इनकी सामाजिक स्थिति मजबूत रही है। वहीं, पंजाबी खत्री – जो मुख्य रूप से शहरी दिल्ली में बसे – व्यापार, सेवा क्षेत्र और प्रशासन में प्रमुख रहे हैं। ये ज्यादातर हिंदी बोलने वाले पंजाबी हिंदू हैं, जो 1947 के बाद दिल्ली में आकर बसे।
इसके अलावा, ब्राह्मण समुदाय ने भी शिक्षा और बुद्धिजीवी गतिविधियों में अहम भूमिका निभाई। राजनीति में भी इनका योगदान कम नहीं रहा। हालांकि आज दिल्ली का सामाजिक ढांचा बदल रहा है, लेकिन अतीत में इन तीनों जातियों का दबदबा साफ नजर आता है।
दिल्ल
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