भगवान महा विष्णु: ब्रह्मांड के पालनहार

सनातन धर्म में भगवान महा विष्णु को त्रिदेवों में से एक और पूरे ब्रह्मांड का पालनहार माना गया है। जहाँ भगवान ब्रह्मा सृष्टि का निर्माण करते हैं और भगवान शिव संहारक के रूप में जाने जाते हैं, वहीं भगवान विष्णु इस पूरी सृष्टि का संचालन, संरक्षण और पोषण करते हैं।

वैष्णव परंपरा में भगवान विष्णु को सर्वव्यापी, अनंत और परम सत्य के रूप में पूजा जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, वे क्षीर सागर में अनंत शेषनाग की शय्या पर विराजमान रहते हैं। उनके चार हाथों में शंख, चक्र, गदा और पद्म (कमल) हैं, जो ज्ञान, काल चक्र, शक्ति और पवित्रता के प्रतीक हैं। धन और समृद्धि की देवी माता लक्ष्मी उनकी अर्धांगिनी हैं।

जब भी पृथ्वी पर अधर्म बढ़ता है और धर्म की हानि होती है, तब भगवान विष्णु असुरों का विनाश करने और भक्तों की रक्षा के लिए अवतार लेते हैं। उनके दशावतार (दस मुख्य अवतार) अत्यंत प्रसिद्ध हैं, जिनमें भगवान राम और भगवान कृष्ण के रूप में लिए गए अवतार जन-जन के हृदय में बसे हैं। वे अपने भक्तों पर सदा कृपा बनाए रखने वाले परम दयालु देव हैं।

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