पति और पत्नी में कौन बड़ा?
कभी सोचा है कि पति और पत्नी में कौन बड़ा होता है? एक ओर तो समाज कहता है कि पति ही प्रधान है, लेकिन भाषा के एक छोटे से विश्लेषण से एक मजेदार सच सामने आता है।
देखिए, पति शब्द में तीन अक्षर हैं – प, त, इ। यहाँ 'इ' ह्रस्व मात्रा है, यानी छोटी ध्वनि। लेकिन पत्नी शब्द में चार अक्षर हैं – प, त्, न, ई। यहाँ 'ई' दीर्घ मात्रा है, जो ह्रस्व से लंबी होती है। मतलब, उच्चारण में पत्नी शब्द थोड़ा लंबा चलता है।
तो अगर बात शब्द की लंबाई या मात्रा की हो, तो पत्नी ही बड़ी निकली! यह मजाकिया तो है ही, लेकिन साथ ही गहरा भी। क्योंकि जीवन में बड़ा-छोटा करने की नहीं, बल्कि साथ चलने की जरूरत होती है।
आज भी कहीं-कहीं सोच यही है कि पति सब कुछ है। लेकिन असली ताकत तो उस संतुलन में है जहाँ दोनों एक-दूसरे का सम्मान करें। क्या कभी आपने महसूस किया है कि घर की नींव तभी मजबूत होती है जब दोनों पैर जमीन पर हों?
तो अगली बार जब कोई कहे कि पति बड
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