पृथ्वी की बाहरी परत: भूपर्पटी
पृथ्वी की सबसे बाहरी परत को भूपर्पटी कहा जाता है। यह वह परत है जिस पर हम रहते हैं। भूपर्पटी पृथ्वी के तीन मुख्य हिस्सों में से सबसे ऊपरी परत है। यह बहुत पतली है, और पूरी पृथ्वी के आकार की तुलना में तो यह छिलके के बराबर है।
भूपर्पटी के नीचे एक मोटी परत है, जिसे मेंटल कहते हैं। मेंटल ठोस तो है, लेकिन लाखों साल के दबाव और गर्मी में यह धीमी गति से बह सकता है। यही वह परत है जहां भूकंप और ज्वालामुखी के कारण बनते हैं।
मेंटल के बाद पृथ्वी के केंद्र में कोर स्थित है। यह दो भागों में बंटा हुआ है—बाहरी कोर तरल है और आंतरिक कोर ठोस। इस कोर के तापमान बहुत अधिक होता है, लगभग सूरज की सतह जितना।
इन तीन परतों—भूपर्पटी, मेंटल और कोर—के मिले-जुले कामकाज के कारण ही पृथ्वी पर जीवन संभव है। भूपर्पटी हमें सीधे दिखाई देती है, लेकिन उसके नीचे छिपी दुनिया भी उतनी ही रोचक है।
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