पृथ्वी की सबसे बाहरी परत – भूपर्पटी
पृथ्वी की सबसे बाहरी परत को भूपर्पटी या अंग्रेजी में क्रस्ट कहा जाता है। यह वह परत है जिस पर हम रहते हैं। भूपर्पटी पृथ्वी की सबसे ऊपरी परत होती है और इसकी मोटाई अलग-अलग स्थानों पर अलग-अलग होती है। महाद्वीपों के नीचे यह लगभग 30 से 70 किलोमीटर मोटी होती है, जबकि महासागरों के नीचे यह काफी पतली, लगभग 5 से 10 किलोमीटर तक होती है।
भूपर्पटी के नीचे एक मजबूत और गर्म परत होती है, जिसे मेंटल कहा जाता है। भूपर्पटी और ऊपरी मेंटल मिलकर पृथ्वी का एक ठोस बाहरी आवरण बनाते हैं, जिसे लिथोस्फीयर कहते हैं। यही लिथोस्फीयर कई बड़े टुकड़ों में बंटा होता है, जिन्हें प्लेट्स कहा जाता है। ये प्लेट्स धीमी गति से खिसकती रहती हैं, जिसके कारण भूकंप, ज्वालामुखी और पर्वतों का निर्माण होता है।
हालांकि भूपर्पटी पृथ्वी के आकार के मुकाबले बहुत पतली है, लेकिन यही हमारे लिए सबसे महत्वपूर्ण है। इसी पर जीवन क
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