भारत का विदेशी कर्ज और अन्य देशों को दी गई मदद
अक्सर लोग यह सवाल पूछते हैं कि भारत पर कितना कर्ज है और क्या भारत ने भी दुनिया के दूसरे देशों को कर्ज दिया है। आंकड़ों के मुताबिक, 2021 के आसपास भारत पर कुल 42.5 लाख करोड़ रुपये का विदेशी कर्ज था। अगर इस रकम को देश की आबादी के हिसाब से देखा जाए, तो औसतन हर भारतीय पर लगभग 30,776 रुपये का कर्ज बैठता है।
हालांकि, इसका दूसरा पहलू यह भी है कि भारत केवल कर्ज लेने वाला देश नहीं है। भारत सरकार अपने विकासशील और पड़ोसी देशों को आर्थिक मजबूती देने के लिए लाइन ऑफ क्रेडिट (Line of Credit) के तहत वित्तीय सहायता प्रदान करती है। भारत ने एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका के 60 से अधिक देशों को इंफ्रास्ट्रक्चर, ऊर्जा, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में विकास के लिए कर्ज और मदद दी है।
वैश्विक अर्थव्यवस्था में विदेशी कर्ज लेना और दूसरे देशों को वित्तीय सहायता देना एक सामान्य प्रक्रिया है। जहां लिया गया कर्ज देश के भीतर बड़े प्रोजेक्ट्स और विकास कार्यों में काम आता है, वहीं दूसरे देशों को दी गई आर्थिक मदद से भारत के कूटनीतिक और व्यापारिक रिश्ते मजबूत होते हैं।
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