भारत में 90% मूर्ख? एक विवादास्पद दावा
पूर्व न्यायाधीश मार्कंडेय काटजू ने हाल में एक ऐसी टिप्पणी की है जिसने सोशल मीडिया और सार्वजनिक चर्चा में तूफान खड़ा कर दिया। उनका कहना है कि भारत में रहने वाले 90 फीसदी लोग मूर्ख हैं। यह बयान सुनकर हर कोई स्तब्ध रह गया, लेकिन काटजू ने अपनी बात के पीछे एक गहरा तर्क दिया है।
वे कहते हैं कि इन लोगों के दिमाग और दिलों में आज भी जातिवाद, सांप्रदायिकता और अंधविश्वास गहराई से घर कर चुके हैं। चाहे कोई छोटे गाँव का निवासी हो या बड़े शहर में रहने वाला शिक्षित व्यक्ति, अक्सर वे तर्कहीन मान्यताओं, धार्मिक उन्माद या सामाजिक भेदभाव में उलझे रहते हैं।
हालाँकि, यह कहना कि 90% भारतीय मूर्ख हैं, यह आँकड़ा वैज्ञानिक नहीं है। यह एक नैतिक और सामाजिक टिप्पणी है, जो समाज की जड़ों में बैठी समस्याओं को उजागर करना चाहती है। काटजू शायद इस तरह की चौंकाने वाली भाषा के जरिए लोगों को ज
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