मां के बिना जीवन अधूरा है
मां के प्रति शब्द कम पड़ जाते हैं। वह सिर्फ एक संबंध नहीं, बल्कि एक संगत है, जो जीवन भर साथ निभाती है। मां न सिर्फ अपने बच्चे को जन्म देती है, बल्कि उसे दुनिया के लिए तैयार भी करती है। वह सिखाती है कि बाहर जो दुनिया है, उसमें हर तरह के लोग मिलेंगे। कोई सहारा बनेगा, तो कोई राह में पत्थर भी रखेगा।
मां का सबसे बड़ा उपहार यही है कि वह अपने बच्चे को खुद पर भरोसा करना सिखाती है। वह कहती है, "चाहे दुनिया कितनी भी मुश्किलें दे, तुम अपने सपनों को मत भूलना।" यही बात बच्चे के अंदर छोटे से दिल में एक आग जला देती है, जो हर मुश्किल में उसे आगे बढ़ने की ताकत देती है।
मां वही होती है जो रोते हुए चेहरे को देखकर दिल टूट जाती है, लेकिन फिर उस बच्चे को संभालकर उसे मुस्कुरा देती है। वह वही होती है जो भूखी रहकर भी बच्चे को खाना खिलाती है। उसके शब्द, उसकी चुप्पी, उसकी प्रार्थना—सब कुछ बच्चे के लिए होता है।
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