बुडापेस्ट मेमोरंडम और यूक्रेन के परमाणु हथियार

जब हम यूक्रेन और परमाणु हथियारों के इतिहास की बात करते हैं, तो बुडापेस्ट मेमोरंडम ऑन सिक्योरिटी अश्योरेंस एक बहुत ही महत्वपूर्ण समझौता है। सोवियत संघ के विघटन के बाद यूक्रेन दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा परमाणु शक्ति संपन्न देश बन गया था, लेकिन वैश्विक सुरक्षा और शांति को बनाए रखने के लिए एक बड़ा ऐतिहासिक कदम उठाया गया।

इस समझौते के तहत यूक्रेन ने परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) का पालन करते हुए अपने सभी परमाणु हथियारों को छोड़ने का फैसला किया। साल 1996 के मध्य तक यूक्रेन ने अपने पास मौजूद सभी परमाणु हथियारों और सामग्री को पूरी तरह से रूस को सौंप दिया था, जिसके बदले में उसे उसकी सीमाओं की सुरक्षा और स्वतंत्रता का आश्वासन मिला था।

यह भी देखें

विस्तृत लेख

संबंधित विषय