आंख: जन्म से मृत्यु तक एक जैसी
शरीर के लगभग सभी अंगों में उम्र के साथ बदलाव आते हैं — कुछ बड़े होते हैं, कुछ ढीले पड़ जाते हैं। लेकिन एक अंग ऐसा है जो जन्म से लेकर मृत्यु तक अपने आकार में कोई बदलाव नहीं आने देता — वह है आंख।
हां, आपने सही पढ़ा। आंख, खासकर आंख की पुतली और कॉर्निया, जन्म के समय लगभग वैसी ही होती है जैसी व्यस्क उम्र में। यह शरीर का एकमात्र अंग है जो बड़ा नहीं होता। नवजन्म के समय एक बच्चे की आंख लगभग वैसे ही आकार की होती है जैसी किसी 60 साल के व्यक्ति की होती है।
सच तो यह है कि आंख का आकार तो स्थिर रहता है, लेकिन उसकी कार्यप्रणाली में समय के साथ बदलाव आ सकते हैं। उदाहरण के लिए, उम्र बढ़ने के साथ दृष्टि कमजोर हो सकती है, लेकिन आंख का भौतिक आकार वैसा का वैसा ही रहता है।
यही कारण है कि बच्चों की आंखें उनके चेहरे पर इतनी बड़ी और प्रभावशाली लगती हैं — क्योंकि चेहरा बड़ा होता है, लेकिन आंख नहीं।
इस तरह, आं
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