शादी क्यों नहीं हुई?
बच्ची के तौर पर भोली का आत्मविश्वास कमजोर था। उसकी बोली ठीक नहीं थी और चेहरे पर चेचक के निशान थे, जिसके कारण वह अक्सर लोगों के मजाक का शिकार बनती थी। पर धीरे-धीरे पढ़ाई और शिक्षा के माध्यम से उसने खुद को बदला। उसकी सोच मजबूत हुई, आत्मसम्मान जागा।
जब उसकी शादी का समय आया, तो उसके पिता ने बिशंभर नाम के एक वृद्ध दूल्हे के साथ उसकी गोद ले ली। लेकिन विवाह के दौरान, जैसे ही दूल्हे ने भोली के चेहरे के निशान देखे, उसने पाँच हजार रुपये का दहेज माँग लिया।
यह बात भोली के पिता के लिए बहुत कठिन थी। वे इतना दहेज दे नहीं सकते थे। लेकिन भोली ने इस अन्याय को सहने से इनकार कर दिया। उसने अपने आत्मसम्मान को ऊपर रखा। उसने शादी से साफ इनकार कर दिया।
यह फैसला न केवल एक विवाह को रोकता है, बल्कि दहेज प्रथा और समाज में स्त्री के प्रति गलत दृष्टिकोण के खिलाफ एक बयान था। भोली, जो कभी डरपोख थी, अब एक निर्णायक और स्वाभ
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