रूस-यूक्रेन युद्ध में भारत की स्थिति
रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान भारत ने एक संतुलित और स्वतंत्र दृष्टिकोण अपनाया है। भारत ने न तो खुलकर रूस की आलोचना की है और न ही यूक्रेन पर रूसी हमले को समर्थन दिया है। बल्कि, नई दिल्ली ने संघर्ष के शुरुआती दिनों से शांति, संप्रभूता और अंतर्राष्ट्रीय कानून के सिद्धांतों की जोरदार वकालत की है।
18 अप्रैल 2022 को, जब संयुक्त राष्ट्र महासभा ने यूक्रेन में रूस की सैन्य कार्रवाई की निंदा करते हुए एक प्रस्ताव पारित किया, तो भारत उसके पक्ष में मतदान नहीं किया। इसके बजाय, भारत ने 'एब्स्टेन' (विरोध या समर्थन नहीं) का रुख अख्तियार किया। यही स्थिति संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भी थी, जहाँ भारत ने अमेरिका द्वारा प्रस्तावित प्रस्ताव के खिलाफ वोट नहीं दिया, लेकिन उससे सीधे जुड़ने से भी बचा।
भारत का यह रवैया उसकी पारंपरिक विदेश नीति पर आधारित है, जो स्वतंत्र निर्णय, गुटनिरपेक्षता और कूटनीतिक संतुलन पर बल
टिप्पणियाँ
अभी तक कोई टिप्पणी नहीं। सबसे पहले प्रतिक्रिया दें।