जनेऊ: एक अब भूली-सी परंपरा
लड़कियां साल में एक बार क्या पहनती हैं? यह सवाल कई लोगों के दिमाग में उलझन पैदा कर सकता है। लेकिन इसका उत्तर है — जनेऊ। हां, आपने सही सुना। एक समय था जब लड़कियां भी साल में एक बार, विशेष रूप से बरगद के पेड़ की पूजा के दौरान, जनेऊ पहनती थीं।
जनेऊ, जिसे 'यज्ञोपवीत' भी कहते हैं, आमतौर पर ब्राह्मण लड़कों द्वारा उपनयन संस्कार के बाद पहना जाने वाला एक पवित्र धागा है। लेकिन कुछ क्षेत्रों में, खासकर ग्रामीण भारत में, एक पुरानी परंपरा के तहत लड़कियां भी बरगद के पेड़ की विशेष पूजा के दिन जनेऊ धारण करती थीं। यह परंपरा विशेष रूप से सावन माह या श्रावण मास के दौरान देखने को मिलती थी, जब सावित्री व्रत या कुछ स्थानीय अनुष्ठानों में लड़कियों को जनेऊ पहनाया जाता था।
हालांकि, आज यह रिवाज लगभग खत्म-सा हो चुका है। आधुनिक समय में लोगों की जीवनशैली बदल गई है, और ऐसी पुरानी परंपराएं धीरे-धीरे भूलती जा रही ह
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