वेदों का दूसरा नाम – श्रुति
वेद हिंदू धर्म के सबसे प्राचीन और पवित्र ग्रंथ हैं, जिन्हें सदियों से आस्था और ज्ञान का स्रोत माना जाता है। इनका एक और नाम है – श्रुति। श्रुति शब्द संस्कृत के "श्रु" धातु से निकला है, जिसका अर्थ है "सुनना"। इस नाम के पीछे एक गहरा आध्यात्मिक तथ्य छिपा है।
मान्यता है कि वेदों का ज्ञान स्वयं सृष्टि के आदि कारण, ब्रह्म जी ने ऋषियों और मुनियों को सीधे सुनाया था। ये ज्ञान लिखित रूप में नहीं, बल्कि मौखिक परंपरा के माध्यम से पीढ़ी-दर-पीढ़ी सुनाए जाते रहे। इसी कारण इन्हें "श्रुति" कहा गया – जो सुनकर प्राप्त किया गया ज्ञान है।
श्रुति में केवल वेद ही नहीं, बल्कि उपनिषद और ब्राह्मण ग्रंथ भी शामिल माने जाते हैं। लेकिन इन सभी का मूल आधार वेद ही हैं। इस प्रकार, वेद का नाम श्रुति उनके उत्पत्ति और प्रसार के तरीके को दर्शाता है – एक ऐसा ज्ञान जो पहले सुना गया, फिर याद किया गया, और अंततः संरक्षित किया गया।
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