कृष्ण और राधा का भावपूर्ण संबंध
भगवान श्री कृष्ण और राधा रानी के प्रेम की कथा आज भी मनुष्य के हृदय में अमर है। परंतु कुछ पौराणिक कथाओं में एक कम ज्ञात घटना के बारे में भी बताया जाता है, जहाँ कृष्ण ने राधा को एक श्राप दिया।
यह घटना तब आई जब राधा रानी ने अपने पुत्र के प्रति कठोर व्यवहार किया। कहते हैं कि एक बार उनके बच्चे ने गलती से श्री कृष्ण को छू दिया, जिसके कारण उनका क्रोध वश में न रहा और उन्होंने उस बालक के प्रति कठोर शब्द कहे। इस दृश्य को देखकर कृष्ण बहुत दुखी हुए और उन्होंने राधा से कहा — "अब भविष्य में तुम्हें कभी संतान होगी ही नहीं।"इस श्राप के बाद राधा रानी को कृशोदरी कहलाने लगीं, जिसका अर्थ होता है — वह जिसका हृदय कृष्ण से कृश (दुखी) है। यह नाम उनके त्याग और दर्द का प्रतीक बन गया।
यह कथा भले ही सभी ग्रंथों में न मिले, परंतु कुछ स्थानीय मान्यताओं और लोककथाओं में इसे संजोया गया है। यह हमें यह भी सिखाती है कि प्रेम के साथ-साथ दय
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