पृथ्वी की उम्र: वैज्ञानिक सोच और धार्मिक ग्रंथों का संगम
हिंदू धर्म के प्राचीन ग्रंथों में ब्रह्मांड की उत्पत्ति और समय की अवधारणा आश्चर्यजनक रूप से विस्तृत है। कई धार्मिक ग्रंथों में ब्रह्मा के एक दिन (जो एक कल्प कहलाता है) को लगभग 4.32 अरब वर्ष माना गया है। इस दृष्टि से, पृथ्वी के अस्तित्व की उम्र को लंबे समय-चक्रों में देखा गया है।
2016 में केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह ने एक बयान दिया था, जिसमें कहा गया था कि प्राचीन भारतीय ऋषियों ने पृथ्वी की उम्र लगभग 1.97 अरब अरब साल बताई थी। हालांकि, यह आंकड़ा वैज्ञानिक अनुमान (लगभग 4.5 अरब वर्ष) से काफी अलग है, पर यह इंगित करता है कि प्राचीन भारतीय दर्शन में समय की अवधारणा अत्यंत विशाल थी।
वैदिक साहित्य में सृष्टि और प्रलय के चक्रों का वर्णन मिलता है, जहां समय को रैखिक नहीं, बल्कि चक्रीय माना गया है। यह विचार आज के वैज्ञानिकों द्वारा भी माने जाने लगे हैं।
हालांकि, आधुनिक विज्ञान क
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