मृत्यु के बाद लिंग में सख्ती क्यों आ सकती है?

क्या आपने कभी सोचा है कि मरने के बाद भी किसी आदमी का लिंग सख्त हो सकता है? यह सुनने में अजीब जरूर लगता है, लेकिन यह एक वैज्ञानिक तथ्य है। ऐसी स्थिति को "डेथ इरेक्शन" या "रिगोर इरेक्टस" कहा जाता है। यह उन पुरुषों के शवों में देखी जाती है जिन्हें फाँसी देकर मारा जाता है।

जब किसी व्यक्ति को फाँसी दी जाती है, तो उसकी गर्दन की मेरुदंड में चोट लगती है। इस आघात से तंत्रिका तंत्र पर असर पड़ता है, और मस्तिष्क को लिंग की ओर खून जाने का संकेत मिल सकता है। परिणामस्वरूप, मृत्यु के बाद भी लिंग सख्त हो सकता है। यह कोई यौन इच्छा नहीं, बल्कि शरीर की तंत्रिकाओं का एक अनैच्छिक प्रतिक्रिया होता है।

इसे प्रतापवाद यानी प्रीएपिज़्म भी कहा जाता है, जो मृत्यु के बाद होने वाली एक शारीरिक स्थिति है। हालाँकि यह घटना दुर्लभ है, लेकिन यह कई पोस्ट-मॉर्टम रिपोर्ट्स और फाँसी के मामलों में दर्ज की गई है।

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