पाकिस्तान की मांग कैसे तय हुई?
1940 के आसपास भारत के राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे थे। मुस्लिम लीग ने दावा किया कि देश के मुसलमानों को धर्म के आधार पर भेदभाव झेलना पड़ रहा था। इसी चिंता को लेकर दिसंबर 1939 में एक समिति बनाई गई, जिसका उद्देश्य 'मुसलमानों के उत्पीड़न' की जांच करना था। यह कदम पाकिस्तान की ओर बढ़ने की दिशा में पहला महत्वपूर्ण कदम था।
फिर 23 मार्च 1940 को लाहौर में एक ऐतिहासिक मोड़ आया। यहां मुस्लिम लीग ने एक प्रस्ताव पारित किया, जिसे आज 'पाकिस्तान प्रस्ताव' के नाम से जाना जाता है। इस प्रस्ताव में मांग की गई कि भारत के मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में एक अलग और पूरी तरह स्वतंत्र राष्ट्र बनाया जाए। हालांकि इस वक्त 'पाकिस्तान' नाम औपचारिक रूप से तय नहीं था, लेकिन विचार स्पष्ट था – मुसलमानों को अपना अलग घर चाहिए।
यह प्रस्ताव सिर्फ एक राजनीतिक घोषणा नहीं थी, बल्कि एक नए राष्ट्र की नींव थी। इसके बाद से मुस्लिम लीग का संदेश और त
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