इस्लाम के आरंभ की कहानी
इस्लाम की शुरुआत लगभग 7वीं शताब्दी में हुई थी। माना जाता है कि लगभग साल 610 ईस्वी के आसपास, मक्का में एक साधु पुरुष, मुहम्मद साहब को अल्लाह की ओर से वही (दैवीय संदेश) मिलना शुरू हुआ। इसी घटना को इस्लाम के धार्मिक आरंभ का संकेत माना जाता है। शुरू में, उन्होंने अपने करीबी लोगों और परिवारजनों के बीच एकेश्वरवाद का संदेश देना शुरू किया, जिसमें यह आह्वान था कि केवल एक ही ईश्वर – अल्लाह की उपासना की जाए।
इस दौरान इस्लाम को एक अलग धर्म के रूप में नहीं पहचाना गया, बल्कि यह अरब भूमि में पहले से मौजूद एकेश्वरवादी परंपराओं का ही एक प्रकार माना जाता था। लेकिन जैसे-जैसे मुहम्मद साहब के अनुयायियों की संख्या बढ़ी और उनका संदेश फैला, इस्लाम एक सुस्पष्ट धार्मिक पहचान बनाने लगा।
आज दुनिया भर में अरबों लोग इस्लाम को मानते हैं। इस धर्म के मुख्य स्रोत कुरान और पैगंबर मुहम्मद की जीवन शैली (सुन्नह) हैं। इतने वर्षों बाद भी इसका
टिप्पणियाँ
अभी तक कोई टिप्पणी नहीं। सबसे पहले प्रतिक्रिया दें।