आत्मा कहाँ से आती है?

आत्मा की उत्पत्ति को लेकर मनुष्य लंबे समय से सोचता आ रहा है। विभिन्न धार्मिक और दार्शनिक मत इस बात पर भिन्न हैं कि आत्मा कहाँ से आती है।

सृजनवाद के अनुसार, प्रत्येक व्यक्ति की आत्मा को ईश्वर स्वयं बनाता है। यह निर्माण गर्भाधान के समय या उसके बाद किसी समय होता है। इस मान्यता के अनुसार, आत्मा सीधे ईश्वर की देन है, न कि माता-पिता की पीढ़ी का परिणाम।

दूसरी ओर, परंपरावाद कहता है कि आत्मा माता-पिता के जीवन से निकलती है। जैसे शरीर पीढ़ी-दर-पीढ़ी स्थानांतरित होता है, वैसे ही आत्मा भी प्राकृतिक तरीके से उत्पन्न होती है। यह विचार उस बात पर जोर देता है कि जीवन की धारा अनवरत चलती रहती है।

पूर्व-अस्तित्व सिद्धांत एक अलग दृष्टिकोण देता है। इसके अनुसार, आत्मा गर्भाधान से पहले से ही अस्तित्व में होती है। कुछ धर्मों में इसे पुनर्जन्म से जोड़कर भी देखा जाता है। यहाँ तक कि कुछ दार्शनिक मानते हैं कि आत्मा अनादि ह

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