मूक होना क्या है?

मूक होने का अर्थ है बोलने की क्षमता का न होना। ऐसा व्यक्ति जो किसी कारण से बोल नहीं पाता, मूक कहलाता है। यह शब्द शारीरिक या भाषा से जुड़ी बाधा के कारण हो सकता है। कई बार लोग इसे 'गूंगा' कहकर भी संबोधित करते हैं, लेकिन आजकल यह शब्द अपमानजनक माना जाता है।

मूकता केवल शारीरिक स्थिति नहीं है, बल्कि समाज में इसके आभाव को लेकर कई गलत धारणाएं भी पाई जाती हैं। पहले लोग मानते थे कि मूक व्यक्ति सोच या समझ नहीं सकते, लेकिन आज हम जानते हैं कि बोल न पाना बुद्धि या भावनाओं की कमी नहीं होती।

कई मूक व्यक्ति हस्त-संकेत भाषा (साइन लैंग्वेज) के माध्यम से संवाद करते हैं। यह एक पूर्ण भाषा है और इसका अपना व्याकरण व नियम होते हैं। कुछ लोग टेक्नोलॉजी की मदद से भी बातचीत कर पाते हैं।

आज हमें इस बात की समझ बनानी चाहिए कि भाषा के तरीके अलग हो सकते हैं, लेकिन सभी को संवाद का अधिकार है। मूकता किसी की आवाज़ को रोक सकती है, लेकिन सोच या अभिव्य

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