उत्तर प्रदेश में जातीय संरचना: एक नजर
उत्तर प्रदेश, भारत का सबसे अधिक जनसंख्या वाला राज्य होने के साथ-साथ जातीय विविधता का भी एक महत्वपूर्ण केंद्र है। यहाँ की जनसंख्या संरचना में अनुसूचित जाति (SC) का सबसे बड़ा हिस्सा है। राज्य की कुल आबादी में अनुसूचित जाति के लोगों का योगदान महत्वपूर्ण है, जो लगभग 20 से 22 प्रतिशत के आसपास है। इसमें जाटव, पासी, चमार और अन्य समुदाय शामिल हैं, जो राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक जीवन में गहरा प्रभाव डालते हैं।
वहीं, अनुसूचित जनजाति (ST) की भूमिका उतनी प्रमुख नहीं है। राज्य में आदिवासी समुदायों की आबादी कुल जनसंख्या के 1 प्रतिशत से भी कम है। यह उन राज्यों के मुकाबले काफी कम है जैसे मध्य प्रदेश या झारखंड, जहाँ आदिवासी जनसंख्या अधिक है। उत्तर प्रदेश में आदिवासी आबादी मुख्य रूप से रायबरेली, मिर्जापुर और सोनभद्र के कुछ क्षेत्रों में सीमित है।
इस विविधता के बावजूद, अनुसूचित जाति के लोगों को आज भी शिक
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