कृष्ण और शिव के बीच युद्ध: एक दैवीय टक्कर
भगवान कृष्ण और भगवान शिव के बीच युद्ध की बात कम ही सुनने को मिलती है, लेकिन पुराणों में इसका एक दिलचस्प उल्लेख मिलता है। यह कहानी वाणासुर के अहंकार से जुड़ी है, जिसे भगवान शिव ने वरदान दिया था। वाणासुर इतना शक्तिशाली हो गया कि उसने देवताओं और मनुष्यों दोनों को परेशान करना शुरू कर दिया।
जब वाणासुर ने कृष्ण के पोते अनिरुद्ध को बंदी बना लिया, तो कृष्ण ने उसे छुड़ाने के लिए युद्ध का रास्ता चुना। लेकिन वाणासुर के पिता शिव के श्राप से सुरक्षित होने के कारण, कृष्ण को अपने सामने स्वयं भगवान शिव को खंडयुद्ध में खड़ा पाया।
दोनों महान देवताओं के बीच जो युद्ध छिड़ा, वह इतना भयंकर था कि सम्पूर्ण ब्रह्मांड हिल उठा। उनकी ऊर्जा से आकाश में तूफान आ गए और देवता भयभीत हो उठे। अंततः, अन्य देवताओं ने हस्तक्षेप किया और इस घातक संघर्ष को रोकवाया।
कृष्ण को सिर्फ योद्धा नहीं,
टिप्पणियाँ
अभी तक कोई टिप्पणी नहीं। सबसे पहले प्रतिक्रिया दें।