ऑलिव ऑयल: वर्जिन और एक्स्ट्रा वर्जिन तेल में क्या अंतर है?

रसोई में जैतून के तेल (ऑलिव ऑयल) का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है, लेकिन अक्सर लोग वर्जिन और एक्स्ट्रा वर्जिन ऑलिव ऑयल के बीच का अंतर नहीं समझ पाते। जब जैतून से तेल निकाला जाता है, तो उसकी गुणवत्ता, स्वाद और अम्लता (Acidity) के आधार पर उसकी ग्रेडिंग की जाती है।

एक्स्ट्रा वर्जिन ऑलिव ऑयल सबसे उच्चतम श्रेणी का तेल माना जाता है। इसे निकालने में किसी भी केमिकल या अत्यधिक गर्मी का इस्तेमाल नहीं होता। यदि तेल में प्राकृतिक रूप से फल का स्वाद मौजूद हो, इसमें कोई तकनीकी दोष न हो और इसकी मुक्त अम्लता 0.8% या उससे कम हो, तो इसे एक्स्ट्रा वर्जिन का दर्जा दिया जाता है। इसमें एंटी-ऑक्सीडेंट्स सबसे ज्यादा होते हैं।

वहीं दूसरी ओर, यदि तेल में बहुत मामूली दोष हों और उसकी मुक्त अम्लता 0.8% और 2.0% के बीच पाई जाए, तो इसे वर्जिन ऑलिव ऑयल कहा जाता है। दोनों ही तेल सेहत के लिए अच्छे हैं, लेकिन एक्स्ट्रा वर्जिन ऑयल अपनी शुद्धता और बेहतरीन स्वाद के कारण सबसे प्रीमियम माना जाता है।

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