भारत और चीन के बीच तनाव के मुख्य कारण
भारत और चीन के बीच संबंधों में तनाव का इतिहास काफी पुराना है और इसके पीछे कई भू-राजनीतिक कारण हैं। इस कड़वाहट की एक बड़ी शुरुआत तब हुई जब चीन ने तिब्बत पर आक्रमण करके उस पर कब्जा कर लिया। इस घटना के बाद से ही चीन की सीमाएं भारत के बहुत करीब आ गईं, जिससे सुरक्षा को लेकर चिंताएं लगातार बढ़ती चली गईं।
इस खतरे को सबसे पहले भांपने वाले दूरदर्शी नेताओं में से एक डॉ. राम मनोहर लोहिया थे। उन्होंने देश को आगाह किया था कि तिब्बत की स्वतंत्रता छिनने से भारत की उत्तरी सीमा सीधे तौर पर असुरक्षित हो जाएगी और चीन भविष्य में एक बड़ा सामरिक खतरा बन सकता है।
इसके अलावा, दोनों देशों के बीच 3,488 किलोमीटर लंबी वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) का पूरी तरह से निर्धारित न होना भी विवाद का एक मुख्य बिंदु है। सीमा को लेकर दोनों देशों के अपने-अपने दावे हैं, जिसके कारण समय-समय पर सैन्य टकराव और कूटनीतिक तनाव की स्थिति पैदा होती रहती है।
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