चीन की बढ़ती आर्थिक ताकत: दो दशकों में बदला वैश्विक संपत्ति का नक्शा

पिछले कुछ दशकों में वैश्विक अर्थव्यवस्था में बड़े बदलाव देखने को मिले हैं, लेकिन चीन का आर्थिक विकास सबसे ज्यादा हैरान करने वाला रहा है। साल 2000 के बाद से दुनिया की कुल संपत्ति में भारी बढ़ोतरी हुई है, जिसमें चीन ने सबसे बड़ा योगदान दिया है।

एक रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2000 में पूरी दुनिया की कुल संपत्ति 156 खरब डॉलर थी। अगले दो दशकों में यानी साल 2020 तक यह आंकड़ा तेजी से बढ़कर 514 खरब डॉलर पर पहुंच गया। इस दौरान वैश्विक स्तर पर व्यापार, तकनीक और बुनियादी ढांचे में अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की गई।

हालांकि, इस पूरी अवधि में सबसे शानदार सफर चीन का रहा। साल 2000 में चीन की कुल संपत्ति महज 7 खरब डॉलर थी। लेकिन अपनी मजबूत मैन्युफैक्चरिंग, वैश्विक निर्यात और बड़े पैमाने पर किए गए निवेश के दम पर चीन ने 2020 तक अपनी संपत्ति को 120 खरब डॉलर पहुंचा दिया। इसका सीधा मतलब यह है कि दुनिया में बढ़ी कुल संपत्ति का एक बड़ा हिस्सा अकेले चीन के खाते में गया।

आज चीन दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और वैश्विक बाजारों पर उसका गहरा प्रभाव है। जिस तरह से चीन ने महज 20 सालों में अपनी संपत्ति को कई गुना बढ़ाया है, उसने वैश्विक आर्थिक संतुलन को हमेशा के लिए बदल कर रख दिया है।

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