पृथ्वी की सबसे भीतरी परत: आंतरिक कोर
पृथ्वी की सबसे भीतरी परत को कोर कहा जाता है। यह पृथ्वी के केंद्र में स्थित है और सतह से लगभग 5100 किलोमीटर नीचे तक फैली हुई है। इसे दो भागों में बांटा गया है – बाह्य कोर और आंतरिक कोर। लेकिन जब बात सबसे गहराई पर आती है, तो हम आंतरिक कोर की ओर देखते हैं।
आंतरिक कोर इतना गर्म है कि वहाँ का तापमान कई हज़ार डिग्री सेल्सियस तक हो सकता है। फिर भी, अपार दबाव के कारण यह पिघलने के बजाय ठोस बना रहता है। माना जाता है कि इसका अधिकांश हिस्सा लोहे से बना है, जो लगभग 80% हिस्सा लेता है। बाकी में मुख्य रूप से निकल और कुछ अन्य भारी तत्व शामिल हैं।
यह कोर न सिर्फ पृथ्वी की संरचना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, बल्कि इसके कारण ही पृथ्वी का चुंबकीय क्षेत्र बना रहता है। यह क्षेत्र हमें सूर्य से आने वाले हानिकारक विकिरण से बचाता है।
हालांकि हम कभी आंतरिक कोर तक नहीं पहुंच सके, लेकिन भूकंपीय तरंगों के अध
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