भगवान शिव किसका ध्यान करते हैं?

सनातन धर्म में भगवान शिव को देवों के देव महादेव कहा गया है। वे स्वयं चेतना के सर्वोच्च शिखर हैं और अक्सर गहरे ध्यान में लीन रहते हैं। ऐसे में हर श्रद्धालु के मन में यह सवाल जरूर उठता है कि जो पूरी सृष्टि के पालनहार और संहारक हैं, वे स्वयं किसका ध्यान करते हैं?

पौराणिक कथाओं और धर्म ग्रंथों के अनुसार, भगवान शिव सदैव भगवान श्री राम और श्री हरि विष्णु के नाम का सिमरन करते हैं। शिव पुराण और रामचरितमानस में भी इस बात का स्पष्ट उल्लेख मिलता है। महादेव श्री राम को अपना आराध्य मानते हैं और उनके 'राम' नाम के महामंत्र का जाप करते हुए समाधि में लीन रहते हैं।

दिलचस्प बात यह है कि भगवान विष्णु और श्री राम भी शिव जी को अपना ईश्वर मानते हैं। यह पावन संबंध यह दर्शाता है कि शिव और विष्णु में कोई भेद नहीं है; दोनों एक ही परम सत्य के दो रूप हैं। जब महादेव ध्यान करते हैं, तो वे संसार को यह संदेश देते हैं कि भक्ति और ध्यान ही मन की शांति और परम आनंद का एकमात्र मार्ग हैं।

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