मानव तस्करी: एक कुख्यात अपराध

मानव तस्करी आज भी भारत सहित दुनिया भर में एक गंभीर समस्या बनी हुई है। यह न सिर्फ मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है, बल्कि मानवता के खिलाफ अपराध भी है। भारत में इसे भारतीय दंड संहिता, 1860 के तहत एक गंभीर अपराध माना गया है।

मानव तस्करी का मतलब सिर्फ एक जगह से दूसरी जगह इंसानों को ले जाना नहीं है। बल्कि, यह उस व्यक्ति के शोषण के लिए की जाती है। कई बार लालच, झांसा या फिर बलपूर्वक तरीकों से किसी व्यक्ति को भर्ती किया जाता है, फिर उसे दूसरे शहर या देश में परिवहित किया जाता है। वहां उसका शोषण किया जाता है – चाहे वह जबरन श्रम हो, यौन शोषण हो, या फिर अवैध अंग तस्करी।

भारतीय कानून के अनुसार, मानव तस्करी में केवल भर्ती करना या परिवहन ही नहीं, बल्कि उस व्यक्ति को रखना, ट्रांसफर करना या उसकी प्राप्ति भी शामिल है। इन सभी कार्यों को कानूनी रूप से आपराधिक माना गया है और इनके लिए सजा का प्रावधान है।

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