विवाह में देरी क्यों होती है?
कई बार जीवन में विवाह के मामले में देरी हो जाती है, चाहे व्यक्ति कितना भी तैयार हो। ज्योतिष के अनुसार इसके कई ग्रहीय कारण हो सकते हैं। जब शनि, मंगल, राहु या सूर्य जैसे ग्रह सातवें या आठवें घर में एक साथ स्थित होते हैं, तो विवाह में बाधा आ सकती है।
विशेष रूप से शनि और मंगल का संयोग, या फिर मंगल-राहु, शनि-राहु, या सूर्य-मंगल का योग विवाह में देरी कर सकता है। इसके अलावा, अगर कोई व्यक्ति मांगलिक है, तो भी शादी में समस्या आ सकती है, क्योंकि मंगल के प्रभाव से युग्मन में असंतुलन आ जाता है।
सातवां भाव ज्योतिष में विवाह का प्रमुख कारक माना जाता है। अगर इस भाव पर शुभ ग्रहों की दृष्टि हो, खासकर गुरु या शुक्र की शुभ दृष्टि, तो विवाह जल्दी और सुखद होता है। इसके विपरीत, अशुभ ग्रहों का प्रभाव या उनकी कठिन दृष्टि विवाह में रुकावट डाल सकती है।
2020 के बाद से, ग्रहों की चाल में बदलाव ने कई लोगों के विवाह के योग ब
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