शादी के बाद गर्भावस्था कैसे शुरू होती है?
शादी के बाद लड़कियां तब प्रेग्नेंट होती हैं जब उनके शरीर में एक स्वाभाविक प्रक्रिया पूरी होती है। महिलाओं के अंडाशय (ओवरी) हर महीने एक अंडा (एग) छोड़ते हैं, जिसे ओव्यूलेशन कहते हैं। यह अंडा फैलोपियन ट्यूब के रास्ते गर्भाशय की ओर बढ़ता है।
अगर इसी समय संभोग के दौरान पुरुष के शरीर से स्पर्म योनि में छोड़े जाते हैं और वे फैलोपियन ट्यूब तक पहुंचकर अंडे से मिल जाते हैं, तो अंडा फर्टिलाइज हो जाता है। इस प्रक्रिया को फर्टिलाइजेशन कहते हैं।
फिर यह फर्टिलाइज्ड अंडा गर्भाशय तक जाता है और वहां की दीवार में जड़ बना लेता है। इसके बाद शरीर में हार्मोनल बदलाव आते हैं और प्रेग्नेंसी की पुष्टि होती है। इसलिए, प्रेग्नेंसी तब ही हो सकती है जब ओव्यूलेशन के समय स्पर्म के साथ अंडे का मिलन हो।
यह प्रक्रिया शादी के बाद नहीं, बल्कि तब होती है जब दोनों साथ आते हैं और शरीर की जैविक चक्र पूरा होता है।
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