सब्जी और भारतीय खाने के लिए कौन सा तेल है सबसे सही?

भारतीय रसोई में खाना पकाने का तरीका काफी खास होता है। यहाँ धीमी आंच पर पकाने से लेकर तेज आंच पर छौंक लगाने और तलने तक का काम होता है। ऐसे में सही तेल का चुनाव सेहत और स्वाद दोनों के लिए बहुत महत्वपूर्ण हो जाता है। अगर आप सोच रहे हैं कि रोज़ाना सब्जी बनाने के लिए कौन सा तेल इस्तेमाल करना चाहिए, तो इसके लिए हमारी परंपरा और पोषण विज्ञान दोनों ही कुछ बेहतरीन विकल्प देते हैं।

भारतीय शैली की कुकिंग के लिए सरसों का तेल, मूंगफली का तेल, नारियल का तेल और शुद्ध देसी घी सबसे बेहतरीन माने जाते हैं। सरसों का तेल उत्तर और पूर्वी भारत में खूब पसंद किया जाता है, जो पाचन और दिल की सेहत के लिए फायदेमंद होता है। दक्षिण भारत में शुद्ध नारियल तेल का इस्तेमाल अधिक होता है, जो शरीर को तुरंत ऊर्जा देता है और इम्युनिटी बढ़ाता है। मूंगफली का तेल तेज आंच पर खाना पकाने के लिए एक संतुलित और सुरक्षित विकल्प है। वहीं, सीमित मात्रा में देसी घी का उपयोग सब्जी का स्वाद बढ़ाने के साथ-साथ शरीर को पोषण भी देता है।

दूसरी ओर, जैतून का तेल (ऑलिव ऑयल) सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है, लेकिन इसे भारतीय ढर्रे की डीप फ्राइंग या ज्यादा भूनने वाली सब्जियों के लिए सही नहीं माना जाता। ऑलिव ऑयल का इस्तेमाल मुख्य रूप से सलाद की ड्रेसिंग या बहुत हल्के सौते (हल्का भुनने) के लिए ही उत्तम रहता है। इसलिए अपनी रोज़ाना की सब्जी और पारंपरिक पकवानों के लिए स्थानीय व प्राकृतिक तेलों का उपयोग करना ही सबसे बेहतर फैसला है।

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