गर्भवती श्रमिक महिलाओं के लिए ₹16,000 की सहायता राशि: जानें पूरी प्रक्रिया
श्रमिक परिवार की गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य और पोषण का ध्यान रखने के लिए सरकार द्वारा ₹16,000 की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य गर्भावस्था के दौरान आर्थिक तंगी को दूर करना और सुरक्षित प्रसव को बढ़ावा देना है।
यह कुल राशि पात्र श्रमिक महिलाओं को दो किश्तों में सीधे उनके बैंक खाते में दी जाती है:
1. पहली किश्त (₹4,000): गर्भावस्था के दौरान पहली किश्त के रूप में ₹4,000 दिए जाते हैं। इसके लिए महिला को निर्धारित समय के भीतर चिकित्सक या एएनएम (ANM) द्वारा कम से कम चार प्रसव पूर्व जांच (ANC Checkups) कराना अनिवार्य है। अंतिम तिमाही तक जांच रिपोर्ट दर्ज होने के बाद यह राशि जारी होती है।
2. दूसरी किश्त (₹12,000): संस्थागत प्रसव (अस्पताल में जन्म), नवजात शिशु के जन्म पंजीकरण और शुरुआती टीकाकरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद बची हुई ₹12,000 की राशि हस्तांतरित की जाती है।
इस योजना का लाभ लेने के लिए महिला का ई-श्रम या श्रम विभाग में पंजीकरण होना जरूरी है। गर्भवती होते ही नजदीकी आंगनवाड़ी केंद्र या स्वास्थ्य केंद्र में अपना पंजीकरण कराएं और सभी जांचें समय पर पूरी करें ताकि किश्त का भुगतान बिना किसी रुकावट के हो सके।
टिप्पणियाँ
अभी तक कोई टिप्पणी नहीं। सबसे पहले प्रतिक्रिया दें।