5+3+3+4: भारत की नई शिक्षा प्रणाली का बदलाव

5 प्लस 3 प्लस 3 प्लस 4 का मतलब है भारत में स्कूली शिक्षा का एक नया ढांचा, जिसे राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत लागू किया गया है। यह पुराने 10+2 सिस्टम की जगह लेता है। अब बच्चों की शिक्षा को उम्र और विकास के हिसाब से चार भागों में बांटा गया है।

पहला 5 साल (3 से 8 साल तक) आधार स्तर कहलाता है, जिसमें बचपन की शिक्षा (एजीसी) – अर्थात एंग्जाइटी, गुड हैबिट्स, क्रिएटिविटी – पर फोकस किया जाता है। इसमें तीन साल की एंजीसी और कक्षा 1-2 शामिल हैं।

दूसरा हिस्सा 3 साल (कक्षा 3 से 5) प्रारंभिक स्तर कहलाता है, जहां बच्चे पढ़ना-लिखना, गणित और तर्क के जरिए सीखते हैं। तीसरा 3 साल (कक्षा 6 से 8) उच्च प्राथमिक स्तर है, जहां विज्ञान, सामाजिक विज्ञान और गणित की बुनियादी समझ विकसित होती है।

अंतिम 4 साल (कक्षा 9 से 12) माध्यमिक स्तर कहलाता है, जहां छात्रों को लचीला

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