नॉर्मल डिलीवरी के लिए नौवें महीने में अपनाएं ये जरूरी आदतें
गर्भावस्था का नौवां महीना हर गर्भवती महिला के लिए बेहद महत्वपूर्ण और उत्सुकता से भरा होता है। इस समय शरीर शिशु के जन्म की तैयारी कर रहा होता है। ऐसे में नॉर्मल डिलीवरी यानी प्राकृतिक प्रसव की संभावना को बढ़ाने के लिए महिलाओं को अपनी जीवनशैली और खान-पान पर विशेष ध्यान देना चाहिए। नॉर्मल डिलीवरी न केवल मां के जल्द ठीक होने में मदद करती है, बल्कि यह शिशु के स्वास्थ्य के लिए भी प्राकृतिक रूप से सबसे सुरक्षित मानी जाती है।
नौवें महीने में सबसे जरूरी है कि आप अपने शरीर में पानी की कमी न होने दें। पर्याप्त मात्रा में पानी पीना एम्नियोटिक फ्लूइड (गर्भजल) के स्तर को बनाए रखने और प्रसव के दौरान ऊर्जा देने में मदद करता है। इसके साथ ही, अपने खान-पान पर विशेष ध्यान दें। प्रोटीन, कैल्शियम और फाइबर से भरपूर संतुलित आहार लें, जिससे शरीर को ताकत मिले और मोटापे से बचाव हो सके, क्योंकि अत्यधिक वजन प्रसव में जटिलताएं पैदा कर सकता है।
शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक मजबूती भी उतनी ही आवश्यक है। इस दौरान तनाव से पूरी तरह दूर रहें, क्योंकि डर या चिंता से प्रसव पीड़ा लंबी हो सकती है। अपने तन और मन में तालमेल बनाएं; इसके लिए आप ध्यान या गहरी सांस लेने वाले प्राणायाम का सहारा ले सकती हैं। इसके अलावा, डॉक्टर की सलाह पर रोजाना सुबह-शाम पैदल चलें। हल्की वॉक करने से पेल्विक मांसपेशियां मजबूत होती हैं और शिशु को नीचे आने में मदद मिलती है, जिससे नॉर्मल डिलीवरी की राह आसान हो जाती है।
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