पूतना कौन थी? – एक आध्यात्मिक कथा

पूतना को अक्सर भगवान कृष्ण के बचपन की सबसे प्रसिद्ध खलनायिका के रूप में याद किया जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि वह किसी साधारण राक्षसी नहीं, बल्कि पिछले जन्म में एक राजकन्या थीं? कहा जाता है कि पूतना का पिछला जन्म रत्नमाला नामक राजकन्या के रूप में हुआ था, जो महाराजा बलि की पुत्री थी।

एक प्राचीन कथा के अनुसार, जब भगवान वामन राजा बलि के दरबार में आए, तो उनकी दिव्य छवि देखकर रत्नमाला के मन में अपार ममता जाग उठी। वह उन्हें अपना बच्चा समझकर दूध पिलाने लगी। इस पवित्र भावना के कारण उन्हें अगला जन्म मिला, लेकिन वह जन्म रूप में विपरीत था।

उस जन्म में वह पूतना बनीं और अहंकार और अंधविश्वास में डूबकर कंस के आगे खड़ी हो गईं। उन्होंने बाल कृष्ण को जहर देकर मारने की कोशिश की, लेकिन भगवान ने उनकी छल-छाम को पहचान लिया। फिर भी, कृष्ण ने उनका स्तनपान किया — न कि विष के लिए, बल्कि उस पूर्व जन्म की मम

यह भी देखें

विस्तृत लेख

भारतीय लोकतंत्र में जनसेवा का संकल्प: विधायक बनने की न्यूनतम आयु और उससे जुड़ी संवैधानिक बारीकियों का संपूर्ण विश्लेषण

और पढ़ें →

भारत के भाग्य विधाता: क्या आप जानते हैं कि आपके सांसदों की जेब में हर महीने कितनी रकम जाती है?

और पढ़ें →

भारतीय लोकतंत्र में शिखर का सम्मान: जानिए राज्य के संवैधानिक मुखिया यानी राज्यपाल बनने का पूरा सफर

और पढ़ें →

भारत में राज्यपालों की सेवानिवृत्ति के बाद वित्तीय सुरक्षा: क्या वाकई उन्हें पेंशन मिलती है या यह सिर्फ एक संवैधानिक भ्रम है?

और पढ़ें →

आसमान की ऊंचाइयों को छूने का सपना: बिना बैंक बैलेंस के कमर्शियल पायलट बनने का मुकम्मल रोडमैप

और पढ़ें →

संबंधित विषय