रावण की मृत्यु के बाद लंका का क्या हुआ?

रावण की मृत्यु के बाद लंका के भविष्य ने एक नया मोड़ लिया। मान्यता है कि युद्ध के दौरान हनुमान ने लंकापुरा को आग के हवाले कर दिया था। आगजनी के बाद लंका खंडहर में तब्दील हो गई, लेकिन यहां की कहानी यहीं नहीं रुकी।

रावण के पराभव के बाद उनके भाई विभीषण को राम ने लंका का नया राजा घोषित किया। विभीषण धर्मात्मा और न्यायप्रिय थे। उन्होंने शांति और न्याय के साथ राज्य किया, जिससे लंका फिर से समृद्ध होने लगी। विभीषण को राम-भक्त के रूप में भी याद किया जाता है।

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, आज के श्रीलंका द्वीप को ही प्राचीन लंका माना जाता है। यहां के कई स्थानों को रामायण की कथाओं से जोड़ा जाता है, जैसे अशोक वाटिका और त्रिब्रुवाना पर्वत।

हालांकि ऐतिहासिक रूप से लंकापुरा के अस्तित्व को साबित करना मुश्किल है, लेकिन सांस्कृतिक और धार्मिक दृष्टि से लंका आज भी रामकथा का एक अहम हिस्सा है। विभीषण का र

यह भी देखें

विस्तृत लेख

भारत के स्वाधीनता संग्राम की गूंज: महात्मा गांधी का कालजयी नारा 'करो या मरो' और उसका वास्तविक दर्शन

और पढ़ें →

अहिंसा के पुरोधा महात्मा गांधी का वह कालजयी नारा जिसने ब्रिटिश साम्राज्य की नींव हिलाकर रख दी

और पढ़ें →

महात्मा गांधी को दक्षिण अफ्रीका की गुमनामी से निकालकर भारत की राजनीति का नायक किसने बनाया?

और पढ़ें →

भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की धमनियों में दौड़ता अहिंसक प्रतिरोध: आखिर भारत में कितने सत्याग्रह हुए और उनका असली प्रभाव क्या था?

और पढ़ें →

सत्य, अहिंसा और जन-शक्ति का अद्भुत संगम: महात्मा गांधी की वह उपलब्धि जिसने दुनिया का भूगोल और इतिहास दोनों बदल दिए

और पढ़ें →

संबंधित विषय