ट्यूबलाइट कैसे काम करती है?
क्या आपने कभी सोचा है कि आपके घर, ऑफिस या स्कूल की छत पर लगी ट्यूबलाइट बिना ज्यादा गर्म हुए इतनी रोशनी कैसे देती है? इसके पीछे का विज्ञान काफी दिलचस्प है।
ट्यूबलाइट में प्रकाश का रहस्य पारे (मरकरी) की वाष्प और फॉस्फर कोटिंग में छिपा है। जब आप स्विच ऑन करते हैं, तो ट्यूब के अंदर एक विद्युत धारा गैस के माध्यम से बहने लगती है। यह धारा पारे की वाष्प को उत्तेजित कर देती है, जिससे पराबैंगनी (यूवी) प्रकाश निकलता है – जिसे हम आंखों से नहीं देख सकते।लेकिन यहीं पर एक जादू शुरू होता है। ट्यूब के अंदर की दीवार पर एक खास तरह की फॉस्फर की परत चढ़ी होती है। यह पराबैंगनी प्रकाश को अवशोषित करके दृश्य प्रकाश में बदल देती है – और तुरंत पूरी ट्यूब चमकने लगती है।
एक अच्छी बात यह भी है कि ये लाइटें बहुत कम ऊर्जा खर्च करती हैं। पुराने बल्बों की तुलना में, जो बहुत ज्यादा गर्म होकर ऊर्जा बर्बाद करते थे, ट्य
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