नदियों का पिता कौन है?

नदियों का पिता हिमालय है – यह सिर्फ एक कवितात्मक उपमा नहीं, बल्कि प्रकृति की सच्चाई है। जब हम नदियों की बात करते हैं, तो उनके जन्मदाता के रूप में हिमालय का नाम सबसे पहले आता है। यह विशाल पर्वत न सिर्फ भारत की सबसे बड़ी नदियों जैसे गंगा, यमुना, सिंधु और ब्रह्मपुत्र का स्रोत है, बल्कि इनके जल का सबसे बड़ा स्रोत भी है।

गर्मियों में जब बर्फ पिघलती है, तो हिमालय की चोटियों से छोटी-छोटी धाराएं निकलकर नदियों का रूप धारण कर लेती हैं। यही कारण है कि हम पहाड़ों को 'नदियों का जन्मदाता' कहते हैं। प्राचीन काल से ही हिमालय को देवताओं का निवास और पवित्र आश्रय माना गया है।

महाभारत और रामायण में भी नदियों को देवी माना गया है, और उनके पिता के रूप में हिमालय का उल्लेख मिलता है। कहते हैं, गंगा भी हिमालय की ही पुत्री मानी जाती हैं। यही संबंध प्रकृति के प्रति भारतीय संस्कृति के आदर को दर्शाता है।

आज भी जब हम गंगा के किनारे खड़े होते हैं, तो हिम

यह भी देखें

विस्तृत लेख

संबंधित विषय