भारत के स्वतंत्रता संग्राम के प्रेरणादायी नारे

भारत के स्वतंत्रता संग्राम का इतिहास ऐसे कई शक्तिशाली नारों से भरा है, जिन्होंने लाखों लोगों को एक साथ खड़ा किया। इन नारों ने न सिर्फ संघर्ष को आकार दिया, बल्कि देशवासियों के दिलों में देशभक्ति की भावना जगाई।

“अंग्रेजो भारत छोड़ो” — यह नारा महात्मा गांधी द्वारा 1942 में छोड़ो इंडिया आंदोलन के दौरान दिया गया था। इसने पूरे देश में तूफान ला दिया और ब्रिटिश शासन के खिलाफ जन-आंदोलन को नई ऊर्जा दी।

इसी कड़ी में “करो या मरो” भी गांधीजी का ही एक प्रेरक नारा था, जो छोड़ो इंडिया आंदोलन की भावना को दर्शाता था। यह नारा देशवासियों के लिए एक संकल्प बन गया — अब आजादी के लिए लड़ना होगा, चाहे जान भी जाए।

वहीं, “सारे जहाँ से अच्छा हिंदोस्ताँ हमारा” — इकबाल की यह कविता देशभक्ति का प्रतीक बन गई। स्कूलों और सभाओं में इसे गाया जाता है, जो भारत की सांस्कृतिक विविधता और गौरव को दर्शा

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