सर्वोदय आंदोलन: सबकी प्रगति की दिशा में

सर्वोदय आंदोलन के जनक महात्मा गांधी माने जाते हैं। हालाँकि यह नाम बाद में प्रचलित हुआ, लेकिन इसकी आधारशिला गांधीजी ने ही रखी थी। सर्वोदय एक संस्कृत शब्द है, जिसका शाब्दिक अर्थ है – सभी का उदय या सार्वभौमिक उत्थान। गांधीजी का मानना था कि सच्चा विकास तभी होता है जब समाज का हर व्यक्ति, चाहे वह कितना भी पिछड़ा हुआ क्यों न हो, उन्नति के इस पथ पर साथ चले।

गांधीजी के अहिंसा, सत्याग्रह और आत्मनिर्भरता के सिद्धांत इस आंदोलन की आधारशिला थे। उनका विचार था कि राष्ट्र की सच्ची स्वतंत्रता तभी संभव है जब गाँव-गाँव में न्याय, समानता और समृद्धि की भावना जीवंत हो। उन्होंने ग्राम स्वराज के माध्यम से समाज के सभी स्तरों के लोगों के उत्थान पर जोर दिया।

बाद में, विनोबा भावे जैसे नेताओं ने इस विचारधारा को आगे बढ़ाया और भूदान आंदोलन के माध्यम से गरीबों को जमीन दिलाने का प्रयास किया। सर्वोदय आंदोलन केवल एक राजनीतिक या स

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