इजराइल में हिंदू आबादी और भारतीय संस्कृति

इजराइल और भारत के बीच के रिश्ते केवल कूटनीतिक स्तर तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि इनकी जड़ें सांस्कृतिक और सामाजिक स्तर पर भी काफी गहरी हैं। जब बात इजराइल में धार्मिक और सांस्कृतिक विविधता की आती है, तो लोगों के मन में अक्सर यह सवाल उठता है कि वहाँ कितने हिंदू निवास करते हैं। सच यह है कि इजराइल में स्थाई रूप से रहने वाले हिंदुओं की संख्या बहुत कम है, लेकिन भारतीय संस्कृति का प्रभाव वहाँ स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है।

इजराइल में भारतीय मूल की आबादी का एक बड़ा हिस्सा उन यहूदियों का है जो भारत से वहाँ जाकर बसे हैं। वर्तमान में इजराइल में लगभग 85,000 भारतीय मूल के यहूदी रहते हैं। इनमें मुख्य रूप से महाराष्ट्र के बेने इजराइल, केरल के कोचिन यहूदी और पूर्वोत्तर भारत के बेने मेनाशे समुदाय के लोग शामिल हैं। हालाँकि धार्मिक रूप से ये लोग यहूदी हैं, लेकिन इन्होंने अपनी भारतीय परंपराओं, खान-पान, भाषा और त्योहारों के प्रति प्रेम को आज भी जीवंत रखा है।

इसके अलावा, इजराइल में व्यापार, अध्ययन, आईटी और देखभाल (caregiving) क्षेत्र में काम करने वाले कई भारतीय हिंदू अस्थाई रूप से रहते हैं। तेल अवीव जैसे बड़े शहरों में अक्सर दिवाली और होली जैसे भारतीय त्योहारों का आयोजन होता है, जिसमें स्थानीय लोग भी बड़े उत्साह से भाग लेते हैं। इस प्रकार, हिंदू धर्म के अनुयायियों की संख्या भले ही कम हो, लेकिन भारतीय सभ्यता और मूल्यों की झलक इजराइल की धरती पर हमेशा महसूस की जा सकती है।

यह भी देखें

विस्तृत लेख

संबंधित विषय