EDD के लिए क्या बेहतर है: LMP या अल्ट्रासाउंड (USG)?

गर्भावस्था के दौरान डिलीवरी की सही तारीख (EDD) जानना हर माता-पिता के लिए बेहद जरूरी होता है। आमतौर पर इसके लिए दो तरीकों का इस्तेमाल किया जाता है: अंतिम मासिक धर्म की तारीख (LMP) और अल्ट्रासाउंड स्कैन (USG)। लेकिन डॉक्टरों और वैज्ञानिक शोधों के अनुसार, इन दोनों में से अल्ट्रासाउंड को अधिक सटीक और भरोसेमंद माना जाता है।

शोध बताते हैं कि गर्भावस्था के सभी चरणों में, प्रसव के दिन का अनुमान लगाने में अल्ट्रासाउंड, निश्चित एलएमपी (LMP) की तुलना में कम से कम 1.7 दिन अधिक सटीक परिणाम देता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि कई महिलाओं में पीरियड्स का चक्र (Cycle) अनियमित हो सकता है, जिससे केवल तारीखों के आधार पर सही गणना करना मुश्किल हो जाता है।

शुरुआती अल्ट्रासाउंड क्यों है सबसे सटीक?

अगर हम सबसे सटीक अनुमान की बात करें, तो गर्भावस्था के शुरुआती हफ्तों (विशेषकर 8 से 12.5 सप्ताह के बीच) में किया गया अल्ट्रासाउंड सबसे बेहतरीन नतीजे देता है। इस अवधि के दौरान भ्रूण की क्राउन-रंप लेंथ (CRL) यानी सिर से लेकर कूल्हे तक की लंबाई को मापा जाता है। जब यह माप 15 से 60 मिलीमीटर के बीच होता है, तो प्रसव की तारीख का अनुमान लगाने में त्रुटि की संभावना सबसे कम (केवल 7.3 दिन) रह जाती है।

संक्षेप में कहें तो, हालांकि एलएमपी (LMP) गर्भावस्था की शुरुआत को समझने का एक अच्छा शुरुआती जरिया है, लेकिन जब बात डिलीवरी की अंतिम और सबसे सटीक तारीख तय करने की हो, तो पहली तिमाही का अल्ट्रासाउंड (USG) ही सबसे सुरक्षित और वैज्ञानिक विकल्प है। इसी आधार पर डॉक्टर आपकी प्रेगनेंसी की आगे की योजना बनाते हैं।

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