पश्चाताप कैसे लिखा जाता है?
अक्सर लोग उलझन में पड़ जाते हैं – क्या सही लिखावट है: पश्चाताप या पश्चात्ताप? अगर आप भी इस सवाल के जवाब की तलाश में हैं, तो चिंता न करें। जवाब सरल है। आजकल सही और मानक हिन्दी में इस शब्द को पश्चाताप लिखा जाता है।
लेकिन यहाँ एक रोचक बात यह है कि पहले यह शब्द 'पश्चात्ताप' लिखा जाता था। बचपन में कई लोगों ने इसे ऐसे ही पढ़ा और लिखा। हालाँकि, जब हिन्दी भाषा के मानकीकरण की बात आई, तो विद्वानों की एक समिति ने कुछ नियम बनाए। इनमें से एक नियम यह था कि जहाँ 'त्त' के स्थान पर केवल 'त' का प्रयोग प्राकृतिक और सही उच्चारण के अनुकूल हो, वहाँ 'त' ही लिखा जाए।
इसी कारण पश्चाताप के बजाय 'पश्चात्ताप' अब पुराना माना जाने लगा। आज शैक्षणिक पुस्तकों, समाचार पत्रों और आधिकारिक दस्तावेजों में 'पश्चाताप' ही मान्य है।
तो अगली बार जब आप इस शब्द को लिखें, तो याद रखें – यहाँ 'त्त' नहीं, बस 'त' चाहिए। भाषा भी बदलती
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