बेटे की शादी में मां क्यों नहीं जाती?
कई लोगों ने यह सवाल पूछा है कि आखिर बेटे की शादी में मां क्यों नहीं जाती? इसका कारण केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी भी है। पुराने ज़माने में, जब पूरा परिवार शादी में शामिल होने जाता था, तो घर पीछे रह जाता था। घर में बच्चे, बुजुर्ग या कुछ मेहमान ऐसे होते थे जिनकी देखभाल की जरूरत होती थी।
ऐसे में मां का घर पर रहना समझदारी भरा फैसला माना जाता था। वो न सिर्फ घर की सुरक्षा के लिए रहती थीं, बल्कि जरूरतमंदों के लिए भोजन, आश्रय और सहायता का इंतजाम भी करती थीं। यह कोई छोटी जिम्मेदारी नहीं थी, बल्कि परिवार के संचालन का एक अहम हिस्सा।
आज के समय में बातें बदल गई हैं। अब कई माएं बेटे की शादी में शामिल होती हैं, खासकर जब शादियां शहरों में होती हैं या घर के सभी सदस्यों के साथ यात्रा करने की सुविधा होती है। फिर भी, कुछ गाँवों और पारंपरिक परिवारों में यह रिवाज अभी भी जारी है।
मां का घर पर रहना दुख
टिप्पणियाँ
अभी तक कोई टिप्पणी नहीं। सबसे पहले प्रतिक्रिया दें।